शनिवार, जून 05, 2010

निरुपमा मौंत मामला में प्रियभांशु एंड कम्पनी के 33 सवाल


निरुपमा मामले में जारी वेव अभियान लगभग थम सा गया हैं।मोहल्ला वाले दूसरे सनातनी मामले में उलझ गये हैं ।मेरी भी इक्छा कुछ खास लिखने की नयी थी लेकिन प्रियभांशु एंड कम्पनी द्वारा उठाये गये सवालो का जबाव देना लाजमी हैं।वही निरुपमा के कई मित्रो ने मुझसे बात की हैं और वे भी चाहती हैं कि असली कातिल सामने आये। कई ने तो यहां तक कहा कि हमलोगो को उपयोग किया गया हैं,


अब जरा सबाल जबाव हो जाये,क्यो कि प्रियभांशु एंड कम्पनी के सवाल का जबाव तुरंत दिया जा सकता था लेकिन मुझे लगा कि इनके सवालो को जबाव देने से पहले पुलिस अनुसंधान की दिशा और दशा के बारे में और जानकारी ली जाये।इसी कारण प्रश्न के जबाव देने में थोड़ा विलम्भ हो गया ।

1पहली बात यह कि झारखंड के राज्यपाल के दिल्ली दौड़ा के दौरान प्रियभांशु एंड कम्पनी ने राज्यपाल को प्रभावित करने के लिए पूरी ताकत लगा दी लेकिन इस मुहिम में कल तक जो लोग प्रियभांशु मामले में सनातन और समाज सुधारक बन रहे थे।वैसे सभी के सभी इस मुहिम से भाग खड़े हुए कई बार इन लोगो ने फोन किया गया लेकिन अधिकांश लोग नही आये।इस झटका से प्रियभांशु एंड कम्पनी को अभी तक होश नही हुआ हैं।वही दूसरी और प्रियभांशु इन सबसे बेखबर पीटीआई दफ्तर रोजना जा रहा हैं।

2-इस मामले में सवाल पर सवाल खड़े करने वाले रीतेश कुमार,दिलीप मंडल औऱ रजनीश कई मामलो में साक्ष्य को पूरी तौर पर तोड़ मरोड़ कर पेश किये हैं।जो बेहद दुखद हैं,जिस तरीके से इसने यह सवाल उठाया कि निरुपमा के पापा औऱ भाई घटना के 24घंटे पहले से ही दफ्तर में मौंजूद नही थे पूरी तौर पर तथ्य से पड़े हैं।कोडरमा पुलिस इस मामले में तीन टीम गठित की थी जिसमें,श्री प्रकाश सिंह दिल्ली,टुडु गोंडा और राजेश बोचा मुबंई गया था।दोनो अपने दफ्तर में मौंजूद था।

3-मेरी एक सलाह हैं कुछ भी लिखने से पहले उसकी कानूनी प्रावधान की जानकारी लेनी चाहिए जैसे इस सवाल का क्या मतलव हैं कि कोडरमा पुलिस ने कोर्ट में को कहा कि सीबीआई जांच की जरुरत नही हैं।इसी तरह सीआईडी को रिमांड पर लेने से रोका गया कोई भी जानकार व्यक्ति जो अपराधिक मामलो पर नजर रखते हैं इस तरह की बाते नही लिख सकती हैं। केश जबतक सीआईडी जांच के लिए रिकोमेंन्ड नही होता हैं उस मामले में सीआईडी को रिमांड पर लेने का अधिकार ही नही हैं।और पुलिस कोर्ट में किस हेसियत से कहेगी की सीबीआई जांच की जरुरत नही हैं।

4-कोडरमा पुलिस के कार्यशैली पर सवाल खड़े किये जा रहे हैं वे तो अभी भी निरुपमा की हत्या मान रहे हैं यह अलग बात हैं कि हत्या को लेकर साक्षंय जुटाने में उन्हे कठनाई हो रही हैं।

5-निरुपमा के पापा औऱ भाई भी सीबीआई जांच की मांग को लेकर राज्यपाल और मुख्यमंत्री से गुहार लगाया हैं।

6-इस मौंत की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी अंकिता हैं जिसे कोडरमा पुलिस भी खोज रही हैं और मीडिया के लोग भी अंतिका तक पहुचने में एड़ी चोटी एक किये हुए हैं।प्रारम्भिक जानकारी मिली की अंकिता दरभंगा की रहने वाली हैं लेकिन इसकी पुष्टी नही हो सकी हैं।फिर पता चला कि निरुपमा और अंकिता बनारस में साथ पढती थी औऱ मेडिकल की तैयारी करती इस समय मंगलौर में बीडीएस कर रही हैं।मंगलौंर में हुए विमान हादसा को कभर करने गये मीडियाकर्मीयो में एक मेरा मित्र भी बेगलूरु से गया था। अंकिता को खोजने के लिए उसने तीन दिन और मंगलौर में रहा लेकिन उसका पता नही चला।ब्लांग पर अंकिता के बारे में लिखा गया हैं कि प्रियभांशु से उसकी बात हो रही थी कृप्या करके अंकिता का कोई पता हो तो जारी करे इस मौंत की सबसे अहम कड़ी अंकिता ही हैं।क्यो कि निरुपमा की अंतिम समय तक अंकिता से काफी देर देर तक बातचीत होती रही हैं लेकिन घटना के दिन के बाद से अंकिता का मोबाईल स्वीच आंफ बता रहा हैं।कोडरमा पुलिस उसके मोबाईल का डिटेल्स लिया हैं।उसमें प्रियभांशु से बातचीत की जानकारी मिली हैं।इस कांड की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी अंकिता ही हैं।अगर वो ब्लांग पर आती हैं तो वो राज बेनामी ही सही लिख कर लोगो के सामने लाये।

7-पोस्टमार्टम रिपोर्ट.दुपट्टा,सोसोईड नोट और निरुपमा के गर्भवती होने पर सवाल खड़े करने से बचे तो बेहतर होगा सारे तथ्य जल्द सामने आ जायेगे।आज बहुत सारी ऐसा तकनीक मौंजूद हैं जिससे इसका खुलासा हो सकता हैं।

8-जहां तक 28अप्रैल को निरुपमा के दिल्ली लौटने की बात कही जा रही हैं कई सज्जन ने ब्लांग पर जिक्र भी किया हैं उनसे आग्रह हैं कि उस ई0 टिकट को पब्लिस करे क्यो कि पुलिस को जांच के दौरान 28 तारीख के रिजर्वेसन चार्ट में निरुपमा के नाम पर कोई टिकट बुक नही हैं।रद्द टिकट में भी इसका नाम दर्ज नही हैं।

9-प्रियभांशु के मोबाईल की प्रारम्भिक जांच रिपोर्ट में मैसेज बांक्स में छेड़छाड़ का मामला सामने आया हैं,

10-मैं उम्मीद करता हूं कि इससे जुड़ी जो भी जानकारी आप सबो के पास हैं उसे सामने लाये कोडरमा पुलिस भी चाहती हैं कि सच्चाई सामने आये, सहयोग करे।

11-एक सवाल यह भी बार बार उठाया जा रहा हैं कि निरुपमा को निर्सिगहोम किसने पहुचाया दयानंद, नरेन्द्र प्रसाद सहित सभी लोगो का बयान पुलिस ने दर्ज कर लिया हैं जिसने निरुपमा को निर्सिंग होम ले गया था निर्सिगहोम के कम्पाउडर चन्द्रेश्वर से भी पुलिस बयान ले चुकी हैं।

12-जहां तक निरुपमा के जिस एसएमएस का हवाला दिया जा रहा हैं कि उनपर नजर रखी जा रही हैं, बाथरुम से मैसेज भेज रही हुं।जबकि निरुपमा घटना दो दिन पहले भी अकेली अपने कांलेज के दोस्त से मिलने गयी हैं वहां घंटो रही हैं।पुलिस उस लड़की से भी बयान लिया हैं।निरुपमा के मोबाईल के कांल डीटेल्स में दिल्ली प्रियभांशु को छोड़कर कई लोगो से बात की हैं।दिल्ली से भी फोन आया हैं।ऐसे में इस तरह के मैसेज भेजने का कोई कारण पुलिस के समझ में नही आ रही हैं।---

7 टिप्‍पणियां:

Rajnish ने कहा…

५)निरुपमा का मोबाइल चेक करो क्या पुलिस अबतक निरुपमा का मोबाइल दुंड पाई ??
किसी भी काम को नियमित नहीं नियत से करनी चाहिए हो सके तो मेरी यह बात कोडरमा पुलिस तक पहुंचा दीजियेगा | जैसा की मैं आपको पहले ही बता चूका हूँ मैं निरुपमा या प्रियभांशु को नहीं जानता लेकिन इतना जरूर चाहता हूँ की जिसकी भी गलती हो उसको उसके गलती की सजा जरूर मिले |

Rajnish ने कहा…

इन अधिकारी महोदय ने ये भी कहा कि उनका एक बेटा और एक बेटी है, अगर उनके बच्चे ऐसा करते तो वो भी इसे बर्दाश्त नहीं करते। शिव प्रसाद ने ये नहीं बताया कि वो अपने बच्चों के जाति से बाहर मोहब्बत करने और शादी की जिद पर अड़ जाने पर क्या करते, लेकिन उसे सहन नहीं करते तो कुछ असहनीय ही करते, इससे इनकार नहीं किया जा सकता है।

शिव प्रसाद के इस ब्रह्म ज्ञान को निरुपमा का मित्र जब मामले का ट्रायल शुरू होगा, तो कोर्ट में हलफनामे के साथ दाखिल करेगा। यह इसलिए जरूरी है कि ऑनर किलिंग के मामले में पुलिस ने ऐसे अधिकारी को जांच में क्यों लगाया, जो खुद ऐसे विचार, ऐसी मान्यताओं का गुलाम है ??
५)आपने लिखा है की निरुपमा के पापा औऱ भाई भी सीबीआई जांच की मांग को लेकर राज्यपाल और मुख्यमंत्री से गुहार लगाया हैं। क्या वाकई में राज्यपाल को सीबीआई जांच के लिए आवेदन दिया गया है या सिर्फ वह लोग भाषण दे रहे है क्योंकि अगर इनलोगों ने भी सीबीआई जांच की मांग की तो फिर सीबीआई जांच शुरु क्यों नहीं हुआ ?? अगर किसी मंत्री के घर में इस तरह का केस होता तो क्या उस वक़्त भी राज्यपाल यूँही चुपचाप से बैठे रहते ??
६)आपने लिखा है की इस मौंत की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी अंकिता हैं जिसे कोडरमा पुलिस भी खोज रही हैं और मीडिया के लोग भी अंतिका तक पहुचने में एड़ी चोटी एक किये हुए हैं। पुलिस और मीडिया वालों के लिए बहुत ही शर्म की बात है | चलो मैं आपको कुछ टिप्स देता हूँ अंकिता को खोज निकालने के लिए.... घटना के दिन के बाद से अंकिता का मोबाईल स्वीच आंफ बता रहा हैं मतलब आपको या पुलिस को अंकिता का नंबर पता है | १) मोबाइल नंबर को ट्रेक करो और यह पता करो की उसका नंबर किस नेटवर्क सर्विस प्रोवाईडर का है,उसके बाद पुलिस से एक ऍफ़आईआर
कॉपी लेलो जांच के लिए उसके बाद उसके नेटवर्क सर्विस प्रोवाईडर के आफिस जाओ वहां पुलिस का ऍफ़आईआर कॉपी दिखाओ और उस नंबर का एड्रेस डिटेल मांगो चुकी आपके पास पुलिस की ऍफ़आईआर कॉपी होगी इशलिये वह आपको डिटेल देने से मना नहीं करेंगे |२) अंकिता प्रियभांशु की भी दोस्त थी, प्रियभांशु का मेल बॉक्स चेक करो अगर प्रियभांशु के मेल बॉक्स में अंकिता का कोई मेल है तो उस मेल का आईपी एड्रेस ट्रेस करो |३) मंगलौर में गिनेचुने ही कॉलेज है हो बीडीएस की स्टडी करवाती है मंगलौर जाकर मनुअल वेर्फिकेसन करो |४)निरुपमा का लैपटॉप का डेटा रिकवर करने से भी बहुत कुछ पता चल सकता है |

Rajnish ने कहा…

३) आपने लिखा है की प्रियभांशु के अधिकांश दोस्त लोग भाग खड़े हुए है ? सच क्या है मैं नहीं जानता लेकिन अगर ऐसा हुआ है तो वह सिर्फ इशलिये क्योंकि ज्यादातर लोग छात्र है, किसी भी छात्र के घरवाले यही चाहते है की उनके बच्चे किसी पुलिस के लफरे में न परे | क्या यह बात आपको बताने की जरूरत है ??
४)आपने लिखा है की कोडरमा पुलिस जिसमें श्री प्रकाश सिंह दिल्ली पूछताछ के लिए गए थे| क्या वाकई में श्री प्रकाश सिंह दिल्ली पूछताछ के लिए गए थे ???
दिल्ली में जिस कोडरमा पुलिस अधिकारी ने पूछताछ की थी उसका नाम था शिव प्रसाद | और यह शिव प्रसाद पूछताछ के लिए भी नहीं गए थे यह लोगो को यह बताने गए थे की कैसे पुलिस से दूर रहकर अच्छा जीवन जी सकते है|6 मई को पहले दिन की पूछताछ में प्रियभांशु से निरुपमा और उसके रिश्तों के तमाम आयाम पर बहुत सारे सवाल किये गये। उससे ऐसे सवाल भी किये गये, जिसे हम यहां नहीं लिख सकते लेकिन उन सवालों का मकसद यह मालूम या साबित करना था कि प्रियभांशु ने निरुपमा के साथ जबर्दस्ती संबंध बनाये थे। उससे बार-बार पूछा गया और कई बार तो एक साथ छह लोगों ने चिल्लाकर पूछा कि क्या निरुपमा से उसकी कभी अनबन हुई थी।
उसने पुलिस को ये भी बताया कि दोनों ने 6 मार्च को शादी करने का फैसला किया था और इसके लिए आर्य समाज मंदिर में अग्रिम भुगतान भी कर दिया गया था। इस शादी का निमंत्रण दोनों ने अपने भरोसेमंद और नजदीकी दोस्तों को दिया। कुछ दिल्ली भी आ गये थे और कुछ ने तोहफे खरीद लिये थे। लेकिन फिर निरुपमा ने शादी से पहले कहा कि वो अपने घर वालों को मनाने की एक कोशिश और करना चाहती है। निरुपमा के इस विचार पर प्रियभांशु ने भी सहमति दे दी।
इस पूछताछ में एक अहम बात ये थी कि कोडरमा से जो अधिकारी शिव प्रसाद पूछताछ के लिए दिल्ली आये थे, उन्होंने पूछताछ के लिए बुलाये गये निरुपमा के एक मित्र को पूछताछ के बाद दो घंटा तक ब्रह्म ज्ञान दिया।

शिव प्रसाद ने उससे कहा, “एक अच्छे पेशेवर और एक अच्छा दोस्त तो बाद में बनोगे, पहले एक अच्छा इंसान बनो। एक अच्छा इंसान होने के नाते तुम्हारा फर्ज बनता था कि तुम उन्हें रोकते, उन्हें समझाते कि घर वालों की मर्जी से शादी करो, अगर घर वाले नहीं कहते हैं तो शादी मत करो। आजकल बच्चों का संस्कार खराब हो गया है। वो धर्म, जाति और संस्कार समझते ही नहीं। आप जैसे लोगों के कारण संस्कृति खराब हो रही है, ये आपकी पीढ़ी की समस्या है।”

Rajnish ने कहा…

संतोष जी,
सबसे पहले तो मैं आपको यह बता दूँ की निरुपमा और प्रियभांशु, दोनों को मैं नहीं जानता|मैं बंगलोर में टेक्निकल आर्किटेक्ट हूँ, आप चाहे तो मुझे कॉल भी कर सकते हैं..फोन न: ९९१६१०९०२१ मैंने आपसे जो ३३ सवाल पूछा था वोह सिर्फ इशलिये क्योंकि मुझे दाल में काला नहीं बल्कि पूरी की पूरी दाल ही काली दिख रही है| आज जो आपने 28 तारीख के रिजर्वेसन चार्ट में निरुपमा के नाम पर कोई टिकट बुक नही हैं लिखा है वह एक दम बकवास है मैं आपको टिकट का डिटेल देता हूँ |

PNR NO:6240641094
Transaction id:02033548
Train No:2381
Train Name: PROORVA EXP
Ticket Details:
S4
Name : Nirupama Pathak
Age:22
Sex: Female
Class:3A
From Station: Koderma
To Station: New Delhi
Journey Date:28/04/2010
Berth Preference: Side Lower
Payment Detail: SBI Debit
Total Charge:997
ई0 टिकट देखने के लिए इस लिंक किलिक करे
http://docs.google.com/leaf?id=0BxqlEIjIvj6xNjZhZGYwN2MtNGI3Zi00MDljLWJiZTctMjUxZTI2Y2NkZWQ3&hl=en
अब मैं फिर से आपसे कुछ सवाल पूछता हूँ,
१)आपने लिखा है की झारखंड के राज्यपाल के दिल्ली दौड़ा के दौरान प्रियभांशु एंड कम्पनी ने राज्यपाल को प्रभावित करने के लिए पूरी ताकत लगा दी|प्रभावित करने के लिए पूरी ताकत लगा दी से आपका मतलब क्या है, प्रियभांशु और उसके दोस्तों ने झारखण्ड के राज्यपाल से आग्रह किया था की इसकी जांच सीबीआई से कराई जाए | सीबीआई जांच करवाने में बुराई ही क्या है और वह भी तब जब एक लड़की और उसके अजन्में बच्चे की संदिग्ध परिस्तिथि में मौत हो जाती है ???
२) जब प्रियभांशु और उसके दोस्तों ने सीबीआई जांच की मांग की झारखण्ड के राज्यपाल ने उसकी बाते नहीं मानी, आखिर क्यों | लड़का का पिता पावरफुल नहीं है इशलिये या फिर लड़की का पिता और भाई पावरफुल पोस्ट पे है इशलिये ???

बेनामी ने कहा…

waah rajnish..karaaraa tamacha maara hai tumane is sirfire patrakaar ke muh par... I am proud of you...keep it up...ye santosh to paise khake bak bak kar raha hai...keh raha hai ticket nahi tha..abe ye jo upar rajneesh ne diya kya wo jhuth hai...Santosh go to hell.... tum paisekhor ho...paisa leke al bal likh rahe ho.....band karo apna ye vidhwa pralaap

संतोष कुमार सिंह ने कहा…

रजनीश से मेरी 5जून को लगभग 45मिनट बातचीत हुई थी उसने वादा किया था कि बातचीत के दौरान जो बाते सामने आयी हैं उसे पोस्ट पर डाल देगे।लेकिन आज जब लौटकर आया तो उसका कोई पोस्ट नही दिखा वही कई गुमनाम पोस्ट आये हुए थे जिसमें से अधिकांश ने इस तरह गाली गलौज की भाषा का उपयोग किया था जिसे प्रकाशित करना सहज नही लगा।रही बात रजनीश के सवाल का तो टिकट वाले तथ्य से उसी दिन कोडरमा पुलिस को अवगत करा दिया गया था लेकिन जिस साईट के खोलने पर ईटिकट के बारे में जानकारी मिलती हैं जिसके बारे में रजनीश ने लिखा हैं उसे खोलने पर इस तरह की कोई भी जानकारी नही मिल रही हैं।रजनीश ने बताया था कि अगर कोई समस्या हो तो उसका मित्र रेलवे मंत्रालय में पदस्थापित हैं उसकी मदद ली जा सकती हैं।रजनीश का मोबाईल नम्बर कोडरमा पुलिस को दे दिया गया हैं।अंकिता के बारे में अभी भी सेंसपेन्स बना हैं।वो जिस मोबाईल का उपयोग करती थी वह कोरपोरेट नम्बर हैं जिसके कारण पुलिस को कठनाई हो रही हैं हलाकि कोडरमा पुलिस की एक टीम मंगलौर तीन दिन पूर्व गयी हैं।वही 9जून को निरुपमा मामले में सरकारी वकिल ने केश डायरी देने के लिए 22जून तक का समय कोर्ट से लिया हैं।23जून को फिर इस मामले में सुनवाई होगी।इस बीच खबर मिली हैं कि निरुपमा के सोसाईड नोट का फौरेन्सिंक जांच रिपोर्ट कोडरमा पुलिस को मिल गया हैं।

अपराजिता ने कहा…

भाई, सब बात तो ठीक है लेकिन एक चीज समझ में नहीं आ रहा कि टिकट का जो लिंक रजनीश ने दिया था वो वह पे नहीं खुल रहा है. और ऊपर से मजेकी बात ये है कि रजनीश का ब्लॉगर प्रोफाइल लिंक जो यहाँ उनके पोस्ट के नाम के साथ उपलब्ध है , वो खुल तो रहहि लेकिन वह पर रजनीश के बारे में कोई भी डिटेल नहीं है. यहाँ तक कि उनका ब्लॉग का नाम भी नहीं दिख रहा.
ये क्या माजरा है भाई.?
रजनीश ने यहाँ अपना नम्बर भी प्रकशित किया था संतोष जी के लिए , उनकी बात भी हुई ४५ मिनट तक . हो सकत है कोडरमा पुलिस के अलावा और भी लोगो ने उनसे बात की हो.
कहीं इन बातचीत(?) का सम्बन्ध रजनीश के ब्लॉग और टिकट का लिंक डिलीट करने से तो नहीं है?
या फिर कहीं रजनीश सबको उल्लू तो नहीं बना रहा ?
वैसे संतोष जी , आपने टिकट देखने के लिए किस साईट का उपयोग किय था?
जहा तक मैं समझता हू की ये www.irctc.co.in पर स्थित निरुपमा के खाते से ही बुक किया गया होगा, और इसकी डिटेल या बुक्ड हिस्टरी तो वही से दिख सकती है. हम या आपको तो निरुपमा का पासवर्ड तो मालूम नहीं होगा , फिर कहा से देखने की कोशिश की आपने?